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सोनिया का सरकार पर हमला, मोदी-शाह सरकार लोगों को सुरक्षा देने असमर्थ  
January 13, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY


नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सोमवार को दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक कांग्रेस के नेतृत्व में बुलाई गई। बैठक के बाद कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि सीएए और एनआरसी पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने देश को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि जेएनयू में बीजेपी ने छात्रों पर हमला कराया उस देश भर ने देखा। सोनिया ने कहा कि सरकार के कदम से यह साफ हो गया है कि वह देश चलाने में नाकाम है। सोनिया ने कहा कि जेएनयू, जामिया,बीएचयू, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, एएमयू और उच्च शिक्षा के अन्य संस्थानों में जो कुछ भी हुआ, उसके तुरंत बाद बीजेपी द्वारा किए गए हमलों से देश में खौफ देखा गया। मोदी-शाह सरकार की शासन चलाने और लोगों को सुरक्षा देने की असमर्थता का खुलासा हो गया है।
बात दे कि कांग्रेस के द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी,बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती शामिल नहीं हुईं। वहीं, आम आदमी पार्टी और शिवसेना ने कहा कि उन्हें कांग्रेस ने मीटिंग के बारे में कुछ नहीं बताया। लिहाजा वहां मीटिंग में मौजूद नहीं रहे। मीटिंग में पहले डीएमके और समाजवादी पार्टी के आने की चर्चा थी, लेकिन इन दोनों पार्टियों के नेता भी मीटिंग में नहीं पहुंचे।
विपक्ष की इस बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, सीपीएम, सीपीआई, राष्ट्रीय जनता दल, एआईयूडीएफ, आरएलडी, हम, आईयूएमएल, आरएलएसपी, आरएसपी, जेएमएम, लोकतांत्रिक जनता दल और केरल कांग्रेस शामिल रहे।
वहीं इस बैठक का विरोध करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है, कि बंगाल में कांग्रेस और वाम दल गंदी राजनीति कर रहे हैं।इसकारण अब वह अपने दम पर सीएए और एनआरसी का विरोध करेंगी। बीते बुधवार को वाम दलों की तरफ से सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर देशव्यापी बंद बुलाया गया था, लेकिन बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने बंद का विरोध किया था। माना जा रहा है कि वाम दलों के इस रवैये से ममता बनर्जी नाराज हो गई हैं। अब उन्होंने सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर वाम दलों, कांग्रेस और अन्य दलों से दूरी बना ली है। हालांकि, कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि बनर्जी को विपक्ष की बैठक में आने का न्योता दिया गया था, लेकिन आना, नहीं आना उन पर निर्भर करता है।