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शिक्षक के साथ मारपीट व लूट के तीन आरोपियों को बरगवां पुलिस ने किया गिरफ्तार
December 23, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • उर्जाधानी


काल चिंतन संवाददाता,
बरगवां,सिंगरौली। बीते दिनों गिधेर देवसर मार्ग पर शिक्षक से मारपीट व लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को बरगवां पुलिस ने देवसर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी बरगवां  पुलिस ने जप्त किया है। 
गौरतलब है कि बीते गुरुवार को शासकीय शिक्षक उदयराम मांझी पिता सोहनराम मांझी उम्र 48 वर्ष निवासी जोनवाईन थाना फरसाबाहर जिला जसपुर नगर छत्तीसगढ़ हाल मुकाम हनुमान मंदिर के पास थाना बरगवां के साथ देवसर से लौटते समय बगडगा नाला के पास पेट्रोल मांगने के बहाने कुछ लुटेरों ने उनके साथ मारपीट कर उनकी मोटरसाइकिल छीन ली थी, जिसकी शिकायत उन्होंने बरगवां थाने में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरगवां पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शिंदे के निर्देशन एवं एसडीओपी डॉक्टर कृपा शंकर द्विवेदी के सतत् निगरानी में बरगवां थाना प्रभारी मनीष त्रिपाठी द्वारा अलग अलग टीमें गठित कर मामले की पड़ताल शुरू की। इस दौरान संदिग्ध एवं निगरानी बदमाशों से पूछताछ व मुखबीरओं को सक्रिय किया गया। जिसके आधार पर देवसर में एक संदिग्ध व्यक्ति कृपानिधान उर्फ लाला चौबे निवासी भरूहा को हिरासत में लेकर से सख्ती से पूछताछ की गई जिसमें आरोपी ने लूट में अपना और अन्य साथियों के साथ मिलकर जुर्म करना कबूला। पुलिस ने लाला चौबे की निशानदेही पर ग्राम खड़ौरा से आरोपी नवीन चतुर्वेदी एवं खड़ौरा से ही एक 17 वर्षीय अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई हीरो स्प्लेंडर क्रमांक एमपी 31 एम ई 7843 को भी बरामद कर लिया है। इसके अलावा लूट में इस्तेमाल की गई अन्य बाइक भी जप्त की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अपराध क्रमांक 501/19 धारा 394 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। जानकारी अनुसार तीनों पेशेवर मुजरिम है एवं उनके ऊपर देवसर थाने में भी लूट के मामले दर्ज हैं। उक्त कार्यवाही में उपनिरीक्षक सुधाकर सिंह परिहार, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र यादव, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, अरविंद चतुर्वेदी, संजीत सिंह, रमेश प्रसाद आरक्षक संजय सिंह परिहार, आशीष द्विवेदी, गणेश रावत, विकास सिंह का सराहनीय योगदान रहा।