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शीतकालीन सत्र / मप्र के विधायक अब हर साल अपनी संपत्ति सार्वजनिक करेंगे; विधानसभा में संकल्प पारित
December 18, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश

भोपाल. मध्य प्रदेश में अब विधायक हर साल अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने बुधवार को विधानसभा में इस आशय का संकल्प प्रस्तुत किया, जिसे चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। संकल्प के अनुसार अब विधानसभा सदस्य हर साल अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करेंगे। ये विवरण उन्हें हर साल 31 मार्च की स्थिति में, 30 जून तक विधानसभा के प्रमुख सचिव के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। विवरण विधानसभा की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा।

मप्र विधानसभा के प्रत्येक सदस्य को खुद और अपने आश्रित प्रत्येक सदस्य की संपत्ति का विवरण, चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित सालाना विवरण के रूप में अथवा चुनावी उम्मीदवारी के लिए भरे जाने वाले निर्वाचन आयोग के प्रपत्र में प्रस्तुत करना होगा।

पीईबी की काउंसिंलिंग तय समय पर होगी : कमलनाथ 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा में कहा कि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) की ओर से उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग 1 और माध्यमिक शिक्षक वर्ग 2 की ऑनलाइन परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं और काउंसिंलिंग की प्रक्रिया नियत समय में पूरी कर ली जाएगी। कमलनाथ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के प्रश्न के लिखित उत्तर में ये जानकारी दे रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परीक्षाएं फरवरी और मार्च 2019 में आयोजित की गई थीं और इसके नतीजे अगस्त और अक्टूबर माह में घोषित किए गए हैं। कमलनाथ ने कहा कि पात्रता परीक्षा उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक के 17 हजार रिक्‍त पद और माध्‍यमिक शिक्षक के 5670 रिक्‍त पदों की पूर्ति के संबंध में आयोजित की गई थी।

मंदसौर गोलीकांड पर कार्रवाई प्रक्रिया जारी 
सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने श्री प्रताप ग्रेवाल के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि मंदसौर गोलीकांड की जांच के लिए जैन आयोग का गठन जून 2017 में किया गया था। इसका जांच प्रतिवेदन जून 2018 में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि जांच आयोग के प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। 

सौभाग्य योजना में अनियमितताओं की जांच होगी
विधानसभा में बिजली मंत्री प्रियव्रत सिंह ने मंडला और डिंडौरी जिलों में सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप पर दो अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की है। बिजली मंत्री सिंह ने कांग्रेस सदस्य विनय सक्सेना की ओर से ये मामला उठाए जाने पर पूरक प्रश्नों के उत्तर के दौरान ये घोषणा की। मंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण में मंडला और डिंडौरी जिले में अनियमितता करने वाले अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी अधिकारियों के एफआईआर दर्ज कराएंगे। सिंह ने बताया कि अभी तक हुई जांच में मंडला जिले के 8 और डिंडोरी जिले के 7 अधिकारी दोषी पाए गए हैं।