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शैक्षाणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देगी केंद्र सरकार : निशंक
December 30, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY


कोलकाता । नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विश्वविद्यालयों में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि केंद्र सरकार शैक्षाणिक संस्थानों को किसी भी कीमत पर राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए हर कोई स्वतंत्र है, लेकिन कॉलेज और विश्वविद्यालय को इससे दूर रखा जाना चाहिए।
पोखरियाल ने कहा कि कई छात्र दूर दराज से अध्ययन के लिए आते हैं। उनकी शिक्षा में इसकी वजह से व्यवधान पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली विश्वविद्यालय, यादवपुर विश्वविद्यालय और प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय समेत देश के कई अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पोखरियाल ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल नागरिकता कानून को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर देश को बांटने के लिए जिम्मेदार कांग्रेस नागरिकता कानून के बारे में गलत जानकारी फैला रही है। नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा तृणमूल सुप्रीमो ने 2005 में अवैध प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जब वह सांसद थीं। केंद्रीय मंत्री ने कहा उस समय वह नागरिकता संशोधन कानून की पुरजोर मांग करती थीं, लेकिन अब जबकि इसे लागू कर दिया गया है, तो वह विरोध में आ खड़ी हुई हैं। पोखरियाल ने कहा नई शिक्षा नीति देश के मूल्यों को जोड़ेगी। उन्होंने कहा, 33 साल के अंतराल के बाद आ रही नई शिक्षा नीति भारत केंद्रित होगी।