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सीएम कमलनाथ की शिवराज को जवाबी चिट्ठी, लिखा- बेवजह विरोध कर भ्रम न फैलाएं
January 11, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश

भोपाल. सीएम कमलनाथ  ने शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उनके विरोध को आधारहीन बताया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि नई आबकारी नीति (New Liquor Policy) में उप दुकान खोलने के प्रावधान से नई शराब की दुकानें खुल रही है, ये जनता के बीच में भ्रम फैलाने की राजनीति का हिस्सा है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि नई नीति से प्रदेश में शराब की दुकानें नहीं बढ़ेंगी और साथ ही अवैध व्यापार करने वाले माफियाओं पर सख्ती से अंकुश लगेगा.

कमलनाथ ने कहा- बेवजह विरोध कर रहे हैं शिवराज
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज ने नई आबकारी नीति के सच को समझने के बजाय बेवजह का विरोध शुरु किया है, जो  बताता है कि वो सिर्फ प्रचार पाने के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने शिवराज के उस बयान को भी गलत बताया है जिसमें शिवराज ने उनके कार्यकाल में कोई नई शराब की दुकान नहीं खुलने की बात कही है. सीएम ने कहा है कि बीजेपी शासन में सबसे ज्यादा शराब की दुकानें खोलीं गईं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि उप दुकान नीति के कारण दो से ढाई हजार नई शराब दुकानें खुलने की खबरें भी भ्रम फैलाने वाली है.

ये है नई शराब नीति
नीति के तहत  नई दुकानें नहीं खुलेंगी बल्कि मूल दुकान का लायसेंसी चाहे तो कुछ शर्तों के अधीन उप दुकान खोल सकता है. इससे आबकारी अपराधों पर नियंत्रण बढ़ेगा. ग्रामीण इलाकें में उप दुकान तभी खोली जा सकती है, जब दो मूल मदिरा दुकानों के बीच कम से कम 10 किलोमीटर की दूरी हो. इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र में उप दुकान खोलने के लिए मूल मदिरा दुकानों के बीच न्यूनतम दूरी 5 किलोमीटर होना चाहिए. ये उप दुकानें सरकार द्वारा नहीं खोली जाएंगी. लायसेंसी यदि चाहे तो प्रतिबंध के अधीन अतिरिक्त वार्षिक मूल्य जमा कर उप दुकान खोल सकता है.

आंकड़ों के ज़रिये बताया बीजेपी के राज में खुली ज्यादा दुकानें
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में साल 2003-04 में देशी मदिरा की दुकानें प्रदेश में 2221 थी, जो भाजपा शासन काल में बढ़ते हुए साल 2010-11 में 2770 हो गईं. विदेशी शराब की दुकानें 2003-04 में 581 थी जो साल 2010-11 में 916 हो गई.

उत्तर प्रदेश की तुलना में कम दुकानें
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी मध्यप्रदेश में जनसंख्या क्षेत्रफल के आधार पर भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश की तुलना में मदिरा दुकानों की संख्या बहुत कम है. मध्यप्रदेश में जहाँ प्रति एक लाख की जनंसख्या पर मात्र 5 मदिरा दुकानें संचालित हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में यह संख्या 12 है, जो ढाई गुना अधिक है. इसी तरह मध्यप्रदेश में प्रति एक हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मदिरा दुकानों की संख्या मात्र 12 है वहीं उत्तर प्रदेश में यह संख्या 41 है जो साढ़े तीन गुना अधिक है. मुख्यमंत्री ने नई आबकारी नीति का हवाला देते हुए कहा यह माफियाओं को बढ़ावा नहीं देगा, बल्कि उन पर नियंत्रण रखेगा.