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सीएए को लेकर केरल सरकार और गवर्नर आमने-सामने
January 12, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY


अखबारों में विज्ञापन छपवाने को लेकर गवर्न ने जताई आपत्ति 
तिरुवनंतपुरम। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर केरल में लेफ्ट के नेतृत्व वाली सरकार और गवर्नर आमने-सामने आ गए हैं। सूबे के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने सरकार की ओर से ऐक्ट के विरोध में अखबारों में विज्ञापन छपवाने को लेकर आपत्ति जताई है। राष्ट्रीय अखबारों में सरकार के विज्ञापनों को लेकर गवर्नर ने कहा कि अपनी राजनीतिक कैंपेन के लिए जनता के पैसे की बर्बादी करना पूरी तरह से गलत है।
बता दें कि केरल सरकार ने अखबारों में विज्ञापन देकर दावा किया था कि राज्य सरकार संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए तत्पर है। विज्ञापन में कहा गया था कि सरकार ने नागरिकता संशोधन को सूबे में लागू न करने को लेकर विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया है।
संसद के कानून के खिलाफ लग रहा सरकारी पैसा
दिल्ली में मौजूद गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने टीवी चैनलों से बातचीत में कहा कि राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग करना पूरी तरह से गलत है। खान ने कहा, सरकारी धन का इस्तेमाल संसद की ओर से पारित कानून के खिलाफ प्रचार में किया जा हा है। यह मुझे अंचभित करता है।
राजनीतिक दल विज्ञापन देता तो ठीक, सरकार ने गलत किया
गवर्नर ने कहा कि यदि यह विज्ञापन किसी राजनीतिक दल की ओर से जारी किया गया होता तो कोई समस्या नहीं होती। केरल सरकार ने तीन राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन देकर कहा था कि सरकार ने जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कई साहसी फैसले लिए हैं। सरकार ने नैशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर पर रोक की भी बात कही है। केरल के सीएम पिनराई विजयन की सरकार ने एनपीआर को एनआरसी का शुरुआती कदम करार दिया है।