ALL उर्जाधानी देश विदेश राजनीति मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश मनोरंजन साहित्य लेख
सर्दी से कपकपाया शहर, रात का पारा लुडक़ा
December 8, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश


ठण्ड बढ़ते ही गर्माया गर्म कपड़ों का बाजार
अशोकनगर। जिले में सर्दी ने अब तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। शीतकालीन मौसम के  बढ़ते प्रभाव से लोगों की परेशानी न सिर्फ बढऩे लगी है, वरन दिन के 9 बजे तक लोग अपने-अपने घरों में दुबके नजर आते हैं। 
सर्दी के सितम का असर गांव से लेकर शहर तक देखा जा रहा है। सर्द हवाओं से तापमान में भारी गिरावट आई है जिससे ठंड से ठिठुरन बढ़ गई। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी खुले आसमान व झोंपड़पट्टी में रहने वाले लोगों को हो रही है। जहां इस सर्दी के सितम से बचने के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा है। बावजूद इसके नपा प्रशासन ने कहीं अलाव जलाने की व्यवस्था अभी नहीं की गयी है। इससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। दूसरी ओर मौसम विभाग का कहना है कि शीतलहर का जोर आगे भी जारी रहेगा। यानी लोगों को ठण्ड से जल्द ही निजात मिलने वाली नहीं है। वहीं एकाएक आईं ठण्ड के कारण गर्म कपड़ों का बाजार भी गर्म दिखाई दे रहा है। अब तक गर्म कपड़ों के बाजार में खरीददारी का असर दिखाई नही दे रहा था। मगर बीते कुछ दिन की ठण्ड ने गर्म कपड़ों के बाजार में रौनक लौटा दी है। 
ठंड से निजात पाने के लिए नहीं हो पायी है सरकारी स्तर पर पहल :
मालूम हो हर साल सर्दी में नपा द्वारा विभिन्न चौक और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए जाते हैं। जिससे दिन में भिक्षावृति व अन्य तरह से जीवन यापन करने वाले लोग रात में सर्दी के कारण ज्यादा परेशान न हों। लेकिन इस साल अभी तक अलाव शुरू नहीं किया जा सका है। कहीं-कहीं दुकानदार अपनी स्वयं की व्यवस्था कर आग जलाकर ठंड दूर करने का प्रयास जरूर करते हैं परंतु अभी तक सरकारी व्यवस्था का सभी को इंतजार है। अभी तक ठण्ड में भी गर्मी का ऐहसास करने वाले जिले वासी पिछले कुछ दिनों से शीतलहर से सहम गए हैं। उत्तर की ओर से आ रही ठण्डी हवाओं ने लोगों को दांत किटकिटाने पर मजबूर कर दिया है। अभी तक पंखा कूलर चला रहे लोग शीतलहर के कारण रजाईयों में दुबके नजर आ रहे हैं। वहीं बूढ़े और बच्चे अलाव तापने को विवश हैं। तापमान में आ रही गिरावट और हवा में घुली नमी के कारण लोगों की दिनचर्या बदल गई है। 

-मरीजों की संख्या में हुआ इजाफा:
अचानक ठंड बढ़ जाने के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। शनिवार के बाद रविवार को जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार देखी गयी। जिला अस्पताल में ठंड बढऩे के चलते चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी भी पूरी मुश्तैदी के साथ मरीजों के इलाज में लगे रहे। जिन मरीजों को अस्पतालों में भरती की जरू रत हो रही थी, उन्हें अस्पताल में एडमिट किया जा रहा था।

-नहीं बदला स्कूलों का समय: 
सुबह के समय कोहरे के साथ सर्दी भी बढऩे लगी है। जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में समस्या आने लगी है। लेकिन सरकारी और निजी स्कूलों को इस बात का जरा भी ध्यान नहीं है। मौसम में आए बदलाव के चलते सुबह और रात को जहां अधिक सर्दी रहती है, वहीं दिन में तापमान सामान्य रहता है। शहर के अधिकांश स्कूलों का समय सुबह 7 बजे का है। स्कूल जाने के लिए छात्रों को सुबह 6 बजे से कडक़ड़ाती ठंड में उठकर नहा-धोकर स्कूल के लिए तैयार होना पड़ता है। इस दौरान कड़ाके की ठंड होती है यहां तक कि स्कूल जाते समय भी सर्दी अधिक रहती है। सुबह 10 बजे के बाद तापमान सामान्य होता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने अब तक उनका स्कूल का टाइम बदलने या आगे बढ़ाने की सुध नहीं ली है। जबकि अधिक ठंड से इनका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। 
प्रवीण/08/12/2019