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समझौता / भारत और पाकिस्तान ने परमाणु संस्थानों की सूची साझा की, अपनी जेलों में बंद कैदियों की जानकारी भी सौंपी
January 1, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY

नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान ने बुधवार को अपने एटमी संस्थानों की सूची साझा की। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि यह सिलसिला पिछले 29 साल से चल रहा है। दोनों देश एक दूसरे के परमाणु संस्थानों और सुविधाओं पर हमला नहीं करने के समझौते के तहत यह लिस्ट साझा करते हैं। यह प्रक्रिया नई दिल्ली और इस्लामाबाद में कूटनीतिक माध्यमों से एक साथ पूरी की गई।

भारत-पाकिस्तान के बीच 31 दिसंबर 1988 को यह समझौता किया गया था। इसे 27 जनवरी 1991 को लागू किया गया था और पहली लिस्ट 1 जनवरी 1992 को साझा की गई थी। इसके बाद से हर साल 1 जनवरी को दोनों देश यह लिस्ट साझा करते हैं।

एटमी हादसों की जानकारी देने का भी है समझौता
भारत-पाकिस्तान के बीच एटमी खतरे को लेकर भी समझौता है, जिसे 2017 में पांच साल के लिए बढ़ाया गया था। यह समझौता एटमी हथियारों से जुड़े हादसों का खतरा कम करने के लिए किया गया था। इस समझौते के तहत दोनों देश अपने क्षेत्र में एटमी हथियारों से हादसा होने पर एक-दूसरे को सूचना देंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि रेडिएशन की वजह से सीमा पार भी नुकसान हो सकता है। यह समझौता 21 फरवरी 2007 को लागू किया गया था। पहली बार इसे 2012 में पांच साल के लिए बढ़ाया गया था।

भारत-पाक ने एक दूसरे के कैदियों की सूची भी साझा की

भारत-पाक ने एक दूसरे की जेलों में बंद नागरिकों और मछुआरों की सूची भी एक दूसरे को सौंपी है। इसके लिए दोनों देशों के बीच 2008 में समझौता हुआ था। इसके तहत दोनों देश हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को अपने यहां बंद एक दूसरे के नागरिकों की जानकारी साझा करते हैं। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को बताया है कि इसके 267 नागरिक और 97 मछुआरे भारत की जेलों में बंद हैं। पाकिस्तान को उसकी जेलों में बंद 14 भारतीय नागरिकों को कानूनी मदद देने की भी मांग की है।

दुनिया में 14955 एटमी हथियार

देशएटमी हथियार
रूस    7000
अमेरिका  6800
फ्रांस    300
चीन  270
यूके 215
पाकिस्तान    140
भारत  130
इजरायल 80
नॉर्थ कोरिया    20
टोटल    14955


दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा
इस बार यह लिस्ट ऐसे मौके पर साझा की गई है, जब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। कश्मीर मुद्दे को वह संयुक्त राष्ट्र सहित दुनिया के अन्य मंचों पर उठा रहा है। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर इस साल अगस्त से अक्टूबर के बीच 970 बार सीजफायर का उल्लंघन भी किया है।