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सड़क सुरक्षा यातायात नियमों का स्वयं भी पालन करें और दूसरों को प्रेरित करें -परिवहन मंत्री श्री राजपूत
January 18, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY


सागर ।जीवन अमूल्य है इसे सहेज कर रखें क्योंकि एक भूल पूरे परिवार पर भारी होती है इस लिए यातायात नियमों का पालन कर अपने जीवन को सुरक्षित बनाएं उक्त विचार प्रदेष के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने 31 वां सड़क सुरक्षा सप्ताह के समापन अवसर पर स्थानीय स्वर्ण जयंती सभाकक्ष में व्यक्त किए। उन्होंने कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान जागरूकता के विषेष कार्यक्रमों के लिए बेस्ट परफार्मर को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती रेखा चौधरी, कमलेष बघेल, सिन्टू कटारे, अमित दुबे, पप्पू फुसकेले, धर्मेन्द्र राठौर, अतुल्य नेमा, बस एवं ट्रक एसोसिएषन के अध्यक्ष, कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, नगर निगम कमिष्नर आरपी अहिरवार, एडिषनल एसपी राजेश व्यास सहित पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का अक्षरषः पालन महानगरों में तो होता है किन्तु छोटे शहरों में उतना नहीं हो पाता है इसके लिए जागरूकता की आवष्यकता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन की घटना को व्यक्त करते हुए कहा कि मैं जब रात में गृह ग्राम जेरई जा रहा था तब मुझे मेरे मित्र प्रफुल्ल चौधरी ने हेलमेट दिया और मैंने लगाकर गृह ग्राम के लिए रवाना हुआ तभी रास्ते में मेरी मोटर साईकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई और मैं बाल-बाल बच गया। मैं आप से उक्त घटना के माध्यम से यह अपील करता हूं कि मोटर साईकिल बगैर हेलमेट के एवं कार बगैर शीट बेल्ट के न चलाएं। उन्होंने कहा कि यह सड़क सुरक्षा सप्ताह हम सभी की सुरक्षा के लिए है। और पुलिस की समझाईष को अन्यथा न लेते हुए उसका पालन कर अपने जीवन एवं परिवार को सुरक्षित रखें। 
सड़क दुर्घटना का वीडियो बनाने की बजाये घायल की मदद करें
कलेक्टर श्रीमती प्रीति मैथिल नायक ने कहा कि आजकल जब भी कोई घटना- दुर्घटना होती है तब राहगीर दुर्घटना का स्मार्ट फोन के माध्यम से वीडियो बनाने लगते है और घायल तड़पता रहता है। दुर्घटना के दौरान वह समय अत्यंत कीमती होता है जब घायल को इलाज की आवष्यकता होती है। उस दौरान घायल को जितना जल्दी हो सके उतले जल्दी इलाज मिलना आवष्यक होता है। समय जाया करने पर घायल की जान भी जा सकती है। इसलिए वीडियो बनाने बजाये घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस संबंध में निर्देश दिए है कि यदि कोई घायल को अस्पताल लाता है तो घायल की मदद करने पर मददकर्ता पर पुलिस किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना होने पर वीडियो बनाने की बजाये 100, 108 नंबर पर एवं पुलिस कंट्रोल रूम में डायल करें। 
पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने सड़क सुरक्षा यातायात सप्ताह का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा से युवाओं को अधिक-अधिक से जोड़ने का प्रयास किया गया है। दुर्घटना में ज्यादातर प्रकरण युवाओं से संबंधित होते है। यह बहुत दुखद होता है कि किसी परिवार का कोई युवा सदस्य दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो जीवन भर उस परिवार को हानि उठानी पड़ती है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के समापन अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए।