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प्रियंका गांधी का आरोप- यूपी पुलिस ने गला दबाकर मुझे धकेला, प्रदर्शन में गिरफ्तार पूर्व आईपीएस अफसर के परिवार से मिलने से रोका
December 28, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • देश विदेश

लखन‌ऊ. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी शनिवार को लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लिखने पर गिरफ्तार किए गए पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी से मिलने पहुंचीं। प्रियंका का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और गला दबाया। इससे पहले प्रियंका ने कांग्रेस के 135वें स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।जब प्रियंका रिटायर्ड आईपीएस से नहीं मिल पाईं तो वे प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए कांग्रेस नेता सदक जफर से मुलाकात करने गईं। प्रियंका ने कहा कि मुझे सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रोका गया। ये एसपीजी का नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस का मुद्दा है।

प्रियंका ने कहा- ''अचानक पुलिस मेरी गाड़ी के सामने आ गई और मुझे रोक दिया। जब मैंने पूछा कि मुझे क्यों रोका जा रहा तो इसका जवाब भी नहीं दिया गया। वे यही कहते रहे कि आप नहीं जा सकतीं। इसके बाद मैं पदल चलने लगी तो एक महिला पुलिसकर्मी ने मेरा गला पकड़ कर धक्का दे दिया। मेरा गला दबाया गया। मैं गिर गई जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने मुझे उठाया। मुझे दो बार रोका गया।''
''मैं एसआर दारापुरी से मिलने गई थी। वे 70 साल के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें पुलिस ने सिर्फ एक फेसबुक पोस्ट लिखने के लिए घर से उठा लिया। वे 19 दिसंबर से ही पुलिस हिरासत में हैं, उनके परिवार के सदस्य परेशान हैं। मुझे उनसे मिलना था, इसलिए मैं पुलिस के रोके जाने के बाद भी बाइक से आगे बढ़ी, लेकिन पुलिस ने उसे भी रोक दिया।''

देशभक्ति के नाम पर लोगों को डराया जा रहा, लेकिन आवाज बुलंद रखेंगे: प्रियंका
इससे पहले प्रियंका ने कांग्रेस के 135वें स्थापना दिवस पर पार्टी मुख्यालय में कहा कि सीएए और एनआरसी के विरोध में दूसरी पार्टियां खुलकर नहीं बोल रहीं, वे सरकार से डर रही हैं। देशभक्ति के नाम पर लोगों को डराया जा रहा है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। अकेले भी रहेंगे तब भी आवाज बुलंद करेंगे। जो देशभर में एनआरसी की चर्चा फैलाते हैं, आज कहते हैं कि इस पर कोई चर्चा ही नहीं हुई थी। ये देश आपको (सरकार) पहचान रहा है, आपकी कायरता को पहचान रहा है और आपके झूठों से ऊब चुका है।


हिंसा में मारे गए या गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों से मिल रही हैं प्रियंका

प्रियंका फिलहाल यूपी के दौरे पर हैं, वह हिंसा में गिरफ्तार हुए या मारे गए लोगों के परिजन से मिल रही हैं। पिछले रविवार को उन्होंने बिजनौर में हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों से मुलाकात की। वे अचानक ब‍िजनौर के नहटौर पहुंचीं और अनस और सुलेमान के घर जाकर उनके परिजनों से बातचीत कर सांत्वना दी। दोनों युवक अचानक भड़की हिंसा के दौरान गोली का शिकार हुए थे। उन्होंने इसके बाद कहा कि मृतक युवकों के परिजन ने बताया कि, जब वे एफआईआर दर्ज कराना चाहते थे तो पुलिस ने उन पर ही एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी है। बिजनौर में हिंसा की न्यायिक जांच की जाए।