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पर्यटन जैसी आर्थिक गतिविधियों से नागरिकों की आय बढ़ाकर जीवन स्तर सुधारेंगे - मुख्यमंत्री कमलनाथ
January 3, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश

 


हनुवंतिया में चतुर्थ जल महोत्सव का हुआ शुभारंभ  
खण्डवा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने खण्डवा में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हनुवंतिया में शुक्रवार को मोटर बोट व क्रूज को हरी झण्डी दिखाकर चतुर्थ जल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 72 करोड़ रू. लागत के 35 कार्यो का शुभारंभ भी किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यटन मनोरंजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है ही साथ ही पर्यटन एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि भी है। पर्यटन जैसी आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को बड़ी संख्या रोजगार के अवसर मिलते है, जिससे उनकी आय बढ़ती है और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आता है। अतः आर्थिक गतिविधियों का प्रदेष में विस्तार किया जायेगा। इस अवसर पर प्रदेष के पर्यटन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग के मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल, प्रदेष के स्वास्थ्य मंत्री एवं खण्डवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व सांसद श्री अरूण यादव, पर्यटन विकास निगम के प्रबंधक संचालक श्री फैज अहमद किदवई, संभागायुक्त इंदौर संभाग श्री आकाष त्रिपाठी , विधायक मांधाता श्री नारायण पटेल, विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह, विधायक श्री सचिन बिड़ला, विधायक श्री रवि जोषी, विधायक श्रीमती सुमित्रा कास्डेकर , जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री ओंकार पटेल व श्री इंदल सिंह पंवार, कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल सहित विभिन्न अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। 
मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेष विविधताओं से भरा है, यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं है। हनुवंतिया जैसे अन्य पर्यटन स्थल प्रदेष में और विकसित किए जायेंगे, जिससे बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए जरूरी है कि उनकी क्रय शक्ति बढ़ाई जाये, इसके लिए किसानों का कर्ज माफ किया गया है। पहले चरण में 21 लाख किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है। दूसरे चरण में चालू खाते वाले किसानों के ऋण माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेष सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वचनबद्ध है। कृषि क्षेत्र में क्रांति लाकर प्रदेष को विकसित कर सकते है। किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ साथ किसानों को उनकी फसल का अच्छा मूल्य दिलाना भी सुनिष्चित किया जायेगा। 
पर्यटन मंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि महाकालेष्वर ओंकारेष्वर, महेष्वर, माण्डू, मोहनखेड़ा एवं सिंगाजी को मिलाकर एक टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जायेगा। माण्डू में आदिवासियों के घर पर्यटकों को रूकने की सुविधा देने की शुरूआत हाल ही में की गई है, जिससे पर्यटक आदिवासी संस्कृति तथा आदिवासियों की परम्पराएं व उनके व्यंजनों के बारे में जान सके। उन्होंने कहा कि प्रदेष में धार्मिक पर्यटन व ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जायेगा। पर्यटन मंत्री श्री बघेल  ने कहा कि हनुवंतिया में पर्यटन स्थल विकसित होने से इस क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में रोजगार मिला है। अगले एक माह तक जल महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा किसानों के खेत खेत में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने पिछले दिनों उज्जैन में महाकालेष्वर विकास योजना पर 300 करोड़ रूपये तथा ओंकारेष्वर विकास योजना के लिए 156 करोड़ रूपये स्वीकृत करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। 
प्रभारी मंत्री सिलावट ने ओंकारेष्वर विकास योजना के लिए 156 करोड़ रूपये स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि खण्डवा जिले के 46 हजार किसानों को 128 करोड़ रूपये का कर्ज सरकार ने माफ कर दिया है। दूसरे चरण में जिले के 9278 किसानों का 66 करोड़ रूपये का कर्ज माफ किया जा रहा है। पूर्व सांसद श्री अरूण यादव ने इस अवसर पर कहा कि इंदिरा सागर के बेकवॉटर में हनुवंतिया जैसे अन्य पर्यटन स्थल विकसित होने की असीम संभावनाएं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ से अनुरोध किया कि इस क्षेत्र में और पर्यटन स्थल विकसित करने की कार्य योजना बनाई जाये। क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण पटेल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ से अनुरोध किया कि मांधाता क्षेत्र में और अधिक विकास कार्य स्वीकृत किए जायें। उन्होंने संत सिंगाजी की समाधि को भी पर्यटन स्थल का दर्जा देने का अनुरोध भी किया। 
''पहला कदम'' कार्यक्रम के तहत टेबलेट के माध्यम से बच्चें होंगे षिक्षित
  मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कार्यक्रम में पहला कदम कार्यक्रम के तहत टेबलेट वितरण किए। इस कार्यक्रम के बारे में बताता हुए कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने कहा कि ''पहला कदम'' कार्यक्रम के तहत जिले के पुनासा और किल्लौद विकासखण्डों की 319 आंगनवाड़ी केन्द्रों में टेबलेट के द्वारा बच्चों को डिजिटल लर्निंग के लिए तैयार किया जायेगा। इसके लिए एन.एच.डी.सी. के द्वारा जिला प्रषासन खण्डवा को अपने सी.एस.आर. मद से राषि उपलब्ध कराई गई है। इस नई सुविधा से दोनों विकासखण्डों के आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज कुल 11803 बच्चे लाभान्वित होंगे। इस नवाचार से जहां बच्चे अक्षरों को, आकारों को मनोरंजन के माध्यम से समझ सकेंगे। साथ ही उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण, कौषल विकास, भावनात्मक सामाजिक विकास भी हो सकेगा। बच्चों को टेबलेट के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूर्व प्राथमिक नर्सरी षिक्षा दी जायेगी। 
जल महोत्सव के दौरान ये आयोजन होंगे
उल्लेखनीय है कि अगले एक माह तक जारी रहने वाला जल महोत्सव का चतुर्थ संस्करण पहले से अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित हो रहा है। एक माह तक चलने वाले इस आयोजन में पर्यटकों के लिए 104 लग्जरी टेंट सिटी का अस्थायी निर्माण किया गया है। इस दौरान हनुवंतिया में साहसिक एवं रोमांचकारी गतिविधियां आयोजित होंगी। ये रोमांचकारी खेल जल, थल व आकाष में सम्पन्न होंगे। जल महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक संध्या, आईलैंड ट्रेकिंग व केम्पिंग विषेष आकर्षण का केन्द्र रहेंगे। हनुवंतिया में उन्मुक्त हवा व अथाजल राषि की लहरें साहसिक खेलों के प्रति सभी को प्रेरित करती है। हनुवंतिया में आयोजित होने वाली जल आधारित गतिविधियों में पैरासेलिंग, वॉटर स्कीइंग, जेड स्कींइंग, बनाना बोट राइड, वॉटर जारबिंग शामिल है। वायु आधारित गतिविधियों में हॉट एयर बलूनिंग, पैरा मोटरिंग, पैरा सेलिंग, भूमि की गतिविधियों में पतंगबाजी, वॉलीबॉल, रस्साकषी, साइकिल टूर, बैलगाड़ी दौड़ जैसी गतिविधियां शामिल है। इसी तरह आइलैंड की गतिविधियों में बर्ड वॉचिंग, ट्रेकिंग, ट्रेजर हंट, कैम्पिंग, कैंप फायर, साहसिक खेलों में बर्मा ब्रिज, आर्टिफिषियल क्लाइम्बिल वॉल, टायर स्विंग, नेट वॉक व रॉप ड्रिल शामिल है। शुभारंभ के दिन और प्रत्येक सप्ताह अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस दौरान आयोजित होंगे। हनुवंतिया में जल महोत्सव के दौरान क्राफ्ट बाजार व फूड जोन भी स्थापित किया गया।
उल्लेखनीय है कि इंदिरा सागर बांध एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मानव निर्मित जलाशय है। इस स्थल पर नर्मदा नदी पर बांध के बैकवॉटर से बड़ी संख्या में प्राकृतिक रूप से उभरकर टापू निर्मित हुए हैं। टापुओं की इस श्रृंखला की शुरुआत इनके प्रवेश द्वार मूंदी से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित हनुवंतिया से होती है। यह पूरा क्षेत्र नर्मदा नदी के बैक वाटर से भरा हुआ है। आस-पास के वन क्षेत्र, वन्य-प्राणी और रंग-बिरंगे पक्षियों का विचरण और कोलाहल इस स्थल की रमणीयता को और अधिक बढ़ा देता है।
सोनी/03जनवरी2020