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निर्भया केस / दोषियों के डेथ वारंट की याचिका पर 18 को अगली सुनवाई, पीड़ित की मां ने कहा- एक हफ्ता और सही
December 13, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • देश विदेश

दिल्ली. पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट से जुड़ी याचिका 18 दिसंबर तक टाल दी। यह पिटीशन निर्भया के माता-पिता ने दायर की थी। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा- जब हम 7 साल लड़ाई लड़ सकते हैं तो हम एक सप्ताह और इंतजार कर सकते हैं। 18 दिसंबर को दोषियों का डेथ वारंट जारी हो सकता है। इससे पहले 2012 दिल्ली गैंग-रेप केस के चारों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।

इससे पहले तिहाड़ जेल प्रशासन के नोटिस पर विनय ने 7 नवंबर को दया याचिका लगाई थी। दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय ने इसे खारिज करने की सिफारिश की थी। इसके बाद विनय ने राष्ट्रपति को पत्र भेजा कि याचिका उसने दायर नहीं की। वहीं, तीन अन्य दोषियों मुकेश, पवन और अक्षय ने दया नहीं मांगी। हालांकि, अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार अर्जी लगाई, जिस पर 17 दिसंबर को सुनवाई होगी।  

तीन जजों की बेंच पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगी

इसी याचिका के खिलाफ निर्भया की मां शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। उनके पक्षकार ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे की पीठ के सामने दोषी अक्षय की पुचार याचिका का विरोध किया। इस याचिका पर 17 दिसंबर को तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी। अक्षय ने याचिका में 2017 के फैसले में उसे दिए गए मृत्युदंड पर फिर से विचार करने की अपील की गई है।

कोर्ट की दोषियों के वकील को फटकार

पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के वकील एपी सिंह को फटकार लगाई। कहा- सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन पेंडिंग है। जब तक इस पर फैसला नहीं आ जाता, हम सुनवाई टाल रहे हैं। आप कोर्ट में पेश नहीं होते, इसी के चलते देरी रही है। सरकारी वकील राजीव मोहन ने कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फांसी की समयसीमा तय होनी चाहिये। इस पर एपी सिंह ने कहा, मेरे मुवक्किलों के पास कई कानूनी विकल्प बचे हैं। 

अदालत ने कहा था- हमारे पुनर्विचार को लेकर कोई आधार नहीं

पिछले साल 9 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने तीन अन्य दोषियों मुकेश (30), पवन गुप्ता (23) और विनय शर्मा (24) की पुर्नविचार याचिका को नामंजूर कर दिया था। अदालत ने कहा था कि 2017 के फैसले पर पुर्नविचार किए जाने के लिए हमारे पास कोई आधार नहीं है। 23 वर्षीय पैरामेडिक स्टूडेंट 16-17 दिसंबर 2012 में गैंगरेप का शिकार हुई थीं। बाद में इलाज के दौरान 29 दिसंबर को उसकी मौत हो गई थी। उसे निर्भया नाम दिया गया था।