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नागरिकता कानून / असम के मुख्यमंत्री ने कहा- हम लोगों के अधिकारों की सुरक्षा करेंगे, अमित शाह मेघालय के मुख्यमंत्री से बात करेंगे
December 15, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY

गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि उनकी सरकार असम के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा करेगी। उन्होंने नागरिकता कानून पर लोगों को गुमराह करने वालों की साजिश नाकामयाब करने की अपील की। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि नागरिकता बिल के मुद्दे पर वह इस महीने के आखिर में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा से बात करेंगे।

शनिवार को सोनोवाल ने कहा, “हम भारत के असली नागरिकों और असम के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं समाज के सभी लोगों से नागरिकता बिल पर भ्रम फैलाने वाले वाले और हिंसा के लिए उकसाने वाले तत्वों को बाहर करने की अपील करता हूं। हम मिलकर असम के विकास का सफर जारी रखेंगे।” उन्होंने राज्य में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा- मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे खुद शांत रहें और शांति बनाने के लिए भी काम करें।

असम के हालात पर चर्चा के लिए बैठक
सोनोवाल ने कहा कि उन्होंने असम में वर्तमान हालात पर चर्चा के लिए गुवाहाटी में एक बैठक बुलाई थी। बैठक में कैबिनेट के सदस्य, केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली, सभी सांसद, विधायक और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रंजीत कुमार दास मौजूद थे। नागरिकता कानून के खिलाफ पूरे पूर्वोत्तर में उग्र विरोध जारी हैं। पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में जहां भीड़ ने हिंसा की, तो राजधानी दिल्ली में भी इसको लेकर प्रदर्शन जारी हैं।

संसद ने नागरिकता बिल को मंजूरी दी
नागरिकता संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पास हो चुका है। 11 दिसंबर को राज्यसभा ने इसे मंजूरी दी। विधेयक के पक्ष में 125, जबकि विरोध में 105 वोट पड़े। लोकसभा में यह बिल 9 अगस्त को पास हुआ था। निचले सदन में विधेयक पर 14 घंटे तक बहस के बाद रात 12.04 बजे वोटिंग हुई थी। बिल के पक्ष में 311 और विरोध में 80 वोट पड़े थे। दोनों सदनों से पास होने के बाद अब विधेयक को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा।