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मप्र / कमलनाथ कैबिनेट का बड़ा फैसला; पट्टाधारकों को मिलेगा मालिकाना हक, अतिथि शिक्षक नहीं होंगे बाहर
December 18, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश

भोपाल. विधानसभा में कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। इसमें अतिथि विद्वानों को राहत देते हुए नियमितिकरण को लेकर समिति का गठन किया जाएगा। वहीं एक अन्य बड़े निर्णय में मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता में संशोधन करके ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे गए पट्टों पर मालिकाना हक दिया जाएगा। अब तक उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला था। इसकी वजह से पट्टाधारक कर्ज नहीं ले पाता था और न ही जमानत। इसके लिए सरकार धारा 244 में संशोधन करेगी। बुधवार को मंत्री जीतू पटवारी, पीसी शर्मा और गोविंद सिंह राजपूत ने विधानसभा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में कोई भी अतिथि विद्वान को उनकी सर्विस से निकाला नहीं जाएगा, इनकी सेवाओं को जारी रखा जाएगा। इससे नियमितिकरण की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे अतिथि विद्वानों को राहत देने की कोशिश की गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि इसके लिए अतिथि विद्वानों के नियमितिकरण को लेकर समिति का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही कैबिनेट में अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दी गई है। इसे विधानसभा की शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। 

जीतू पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि अतिथि शिक्षकों को लेकर जो समस्या झेल रहे हैं, वह 15 साल में शिवराज और उनकी सरकार के गैरजिम्मेदारी पूर्ण रवैया है। परंतु हम किसी भी अतिथि शिक्षक को बाहर नहीं निकालेंगे। 

मुख्य अभियंता के पदों को प्रतिनियुक्ति से भर सकेंगे 

मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) संगठन में मुख्य अभियंता के पदों को प्रतिनियुक्ति से भरने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश/आदेश में संशोधन किया जाएगा। करने का निर्णय लिया है। संशोधन अनुसार मुख्य तकनीकी परीक्षक सतर्कता संगठन में संबंधित निर्माण विभाग, अर्द्धशासकीय उपक्रमों, मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल में मूल रूप से मुख्य अभियंता का पद धारण करने वाले अधिकारी ही पदस्थ किए जाएंगे। मुख्य अभियंता की सेवाएं हासिल करना संभव न हो तो अधीक्षण यंत्री के पद पर कम से कम तीन वर्ष की वरिष्ठता धारण करने वाले अधिकारी की पद-स्थापना मुख्य अभियंता के पद के विरूद्ध की जाएगी।  

कैबिनेट की बैठक में ये फैसले भी हुए  

  • जबलपुर के भेड़ाघाट उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र की स्थापना की जाएगी। सब-रीजनल साइंस सेन्टर कैटेगरी-2 की स्थापना-संचालन के लिए आठ पदों का सृजन भी किया गया है। 
  • महिला-बाल विकास विभाग के आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिये कुल 255 करोड़ 23 लाख 65 हजार की राशि तय की गई है। 
  • जिला भिंड की नगर परिषद लहार को नगर पालिका परिषद में उन्नयन की अनुशंसा की गई है। इसका प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। 
  • मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) संगठन में मुख्य अभियंता के पदों को प्रतिनियुक्ति से भरने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश/आदेश में संशोधन किया जाएगा।