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झारखंड नतीजे / हर पूर्व मुख्यमंत्री की हुई है हार, जमशेदपुर पूर्वी से रघुवर दास 4643 वोट से पीछे
December 23, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • राजनीति

रांची. झारखंड विधानसभा चुनाव से जुड़ा मिथक थोड़ा अजीब है। झारखंड के अबतक के सभी पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव हार चुके हैं लेकिन 2019 के विधानसभा चुनाव में इस मिथक को तोड़ने की चुनौती रघुवर दास के पास है। 2019 के विधानसभा चुनाव में फिलहाल रघुवर दास को 18874 और निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय 23517 वोट मिले हैं। रघुवर दास 4643 वोट से पीछे चल रहे हैं।

झारखंड में अबतक रघुवर दास समेत छह राजनेता मुख्यमंत्री बन चुके हैं। 19 साल के झारखंड में अबतक चार बार (2004, 2009, 2014 और 2019) विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।

2014 में करीब 70 हजार वोट से जीते थे रघुवर दास
हालांकि रघुवर दास का पिछड़ा रिकॉर्ड उनके साथ है। जमशेदपुर पूर्वी से रघुवर दास लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। इस बार भी वे जमशेदपुर पूर्वी से भाजपा के प्रत्याशी हैं। रघुवर दास का मुकाबला उनके ही कैबिनेट के पूर्व मंत्री व निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ से हैं। 2014 में रघुवर दास ने जमशेदपुर पूर्व सीट से कांग्रेस के आनंद बिहारी दुबे को लगभग 70 हजार वोटों से विधानसभा चुनाव जीते थे। इसके पहले रघुवर दास ने सबसे पहले 1995 में जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव लड़ा था। रघुवर दास साल 1995, 2000, 2004, 2009 और 2014 के चुनाव में जीत हासिल कर चुके हैं।

रघुवर से पहले ये पूर्व मुख्यमंत्री हार चुके हैं चुनाव
15 नवंबर 2000 में झारखंड बिहार से अलग हुआ था। 19 साल के झारखंड ने रघुवर दास समेत अबतक छह मुख्यमंत्री देखा है। रघुवर से पहले बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन, मधु कोड़ा, हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बाबूलाल मरांडी ने 2014 के विधानसभा चुनाव में राजधनवार और गिरिडीह से चुनाव लड़ा था और दोनों ही सीट से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके बाद अर्जुन मुंडा भी 2014 के विधानसभा चुनाव में खरसांवा से चुनाव हार गए थे। 2014 के ही चुनाव में हेमंत सोरेन ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें दुमका सीट से हार का सामना करना पड़ा था। 2014 में ही पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को मझगांव सीट से हार का सामना करना पड़ा था।

मुख्यमंत्रियों के हार का सिलसिला शुरू होने में सबसे पहला नाम शिबू सोरेन का नाम है। 27 अगस्त 2008 को मधु कोड़ा ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे। उस वक्त वे दुमका से सांसद थे। 6 महीने में उन्हें विधानसभा का सदस्य बनना था। मुख्यमंत्री रहते हुए शिबू सोरेन ने तमाड़ सीट से उप चुनाव में उतरे और उन्हें झारखंड पार्टी के राजा पीटर ने हरा दिया था।  

इस बार रघुवर, हेमंत, बाबूलाल मैदान में
2019 के चुनाव में रघुवर दास के अलावा हेमंत सोरेन दुमका और बरहेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं बाबूलाल मरांडी राजधनवार सीट से चुनावी मैदान में हैं। इनके अलावा शिबू सोरेन, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा चुनावी मैदान में नहीं हैं। अर्जुन मुंडा खूंटी से लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वहीं शिबू सोरेन 2019 के लोकसभा चुनाव में दुमका से चुनाव हार गए हैं। वहीं मधु कोड़ा को चुनाव आयोग ने चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना है।

1995- जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा रिजल्ट 
रघुवर दास 1101 वोट से जीते 

2000- जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा रिजल्ट
रघुवर दास 47,958 मतों से जीते 

2005- जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा रिजल्ट
रघुवर दास 18,398 मतों से जीते 

2009- जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा रिजल्ट 
रघुवर दास 22,963 मतों से जीते 

2014- जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा रिजल्ट 
रघुवर दास 70,153 मतों से जीते 

2019- जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा रिजल्ट 
रघुवर दास 771 वोट से पीछे