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CAA को लेकर पीएम मोदी का कांग्रेस पर अटैक, धर्म के नाम पर मुसलमानों को भ्रमित किया गया
December 22, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • राजनीति

नई दिल्ली
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देशभर में उबाल है। इस कानून के कारण असुरक्षित महसूस कर रहे देश के मुसलमानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के रामलीला मैदान से सीधा संदेश दिया। उन्होंने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि जो लोग कागज-कागज, सर्टिफिकेट-सर्टिफिकेट के नाम पर मुस्लिमों को भ्रमित कर रहे हैं, उन्हें ये याद रखना चाहिए कि हमने गरीबों की भलाई के लिए, योजनाओं के लाभार्थी चुनते समय कभी कागजों की बंदिशें नहीं लगाईं। पीएम ने कहा कि कुछ लोग CAA को गरीबों के खिलाफ बता रहे हैं, कह रहे हैं कि जो लोग आएंगे वो यहां के गरीबों का हक छीन लेंगे। उन्होंने कहा कि झूठ फैलाने से पहले कम से कम गरीबों पर तो दया करो भाई। उन्होंने कहा कि झूठ बेचने वाले, अफवाह फैलाने वाले इन लोगों को पहचानने की जरूरत है। ये 2 तरह के लोग हैं। एक वे लोग हैं, जिनकी राजनीति दशकों तक वोटबैंक पर ही टिकी रही है। दूसरे वे लोग हैं, जिनको इस राजनीति का लाभ मिला है।

पीएम ने कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि ये लोग किस तरह अपने स्वार्थ के लिए, अपनी राजनीति के लिए किस हद तक जा रहे हैं, ये आपने पिछले हफ्ते भी देखा है। जो बयान दिए गए, झूठे विडियो, उकसाने वाली बातें कही गईं, उच्च स्तर पर बैठे लोगों ने सोशल मीडिया में डालकर भ्रम और आग फैलाने का गुनाह किया है।

आग लगाने वालों पर बरसे मोदी
उन्होंने कहा कि स्कूल बसों पर हमले हुए, ट्रेनों पर हमले हुए, मोटर साइकिलों, गाड़ियों, साइकिलों, छोटी-छोटी दुकानों को जलाया गया है। भारत के ईमानदार टैक्सपेयर के पैसे से बनी सरकारी संपत्ति को खाक कर दिया गया है। इसके बाद इनके इरादे कैसे हैं, ये देश अब जान चुका है। मोदी ने कहा कि मैं इन लोगों को कहना चाहता हूं कि मोदी को देश की जनता ने बैठाया, ये अगर आपको पसंद नहीं है, तो आप मोदी को गाली दो, विरोध करो, मोदी का पुतला जलाओ लेकिन देश की संपत्ति मत जलाओ, गरीब का रिक्शा मत जलाओ, गरीब की झोपड़ी मत जलाओ।
'योजनाओं का फायदा देने में किसी का धर्म पूछा?'
मोदी ने पूछा कि दिल्ली में सैकड़ों अवैध कॉलोनियों को वैध करके 40 लाख लोगों को अधिकार दिया तो क्या इसमें किसी से जाति, धर्म पूछा गया? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का फायदा देने में किसी का धर्म पूछा गया, किसी की जाति पूछी गई? मोदी ने कहा, 'एक ही सत्र में दो बिल पारित हुए हैं। एक बिल में दिल्ली के 40 लाख लोगों को अधिकार दे रहा हूं और ये झूठ फैला रहे हैं कि मैं अधिकार छीनने वाला कानून बना रहा हूं। यह झूठ चलने वाला नहीं है, देश स्वीकार करने वाला नहीं है। मैं झूठ फैलाने वालों को चुनौती देता हूं, मेरे काम की पड़ताल कीजिए। कहीं पर दूर-दूर तक भेदभाव की बू आती है तो देश के सामने लाकर रख दीजिए।' 'CAA पर मुसलमानों को डरा रही है कांग्रेस'
पीएम ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि वह सीएए पर झूठ बोलकर अफवाह फैला रही है और मुसलमानों को डरा रही है। उन्होंने कहा, 'इस बिल के पास होने के बाद कुछ राजनीतिक दल अफवाहें फैलाने में लगे हैं। वे लोग भ्रमित कर रहे हैं, भावनाओं को भड़का रहे हैं।' मोदी ने कहा, 'मैं इन भ्रम फैलाने वाले, झूठ बोलने वालों से पूछना चाहता हूं कि जब मैंने दिल्ली की सैकड़ों कॉलोनियों को वैध किया तो क्या किसी से पूछा था कि आपका धर्म क्या है, आपकी आस्था क्या है, आप किस पार्टी को वोट देते हैं, आप किस पार्टी के समर्थन हैं? क्या हमने आपसे कोई सबूत मांगे थे? 70 का सबूत लाओ, 75 का सबूत लाओ, 80 का सबूत लाओ, क्या हमने मांगा था?'
अर्बन नक्सल उड़ा रहे डिटेंशन सेंटर की अफवाह
पीएम ने कहा कि कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों द्वारा उड़ाई गई डिटेंशन सेंटर की अफवाह सरासर झूठ है। जो हिंदुस्तान की मिट्टी के मुसलमान हैं, उनसे नागरिकता कानून और NRC दोनों का ही कोई लेना-देना नहीं है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी, शहरों में रहने वाले कुछ पढ़े लिखे अर्बन नक्सल, ये अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ तो अपनी शिक्षा की कद्र करिए। एक बार पढ़ तो लीजिए नागरिकता संशोधन ऐक्ट क्या है।

पुलिस पर पथराव के खिलाफ भी बोले मोदी
पीएम ने कहा कि पुलिस वालों को अपनी ड्यूटी करते समय हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। जिन पुलिसवालों पर ये लोग पत्थर बरसा रहे हैं, उन्हें जख्मी करके आपको क्या मिलेगा? आजादी के बाद 33 हजार से ज्यादा पुलिसवालों ने, शांति के लिए, आपकी सुरक्षा के लिए शहादत दी है। जब कोई संकट या मुश्किल आती है तो यह पुलिसकर्मी न धर्म पूछता है न जाति पूछता है, न ठंड देखता है न बारिश देखता है और आपकी मदद के लिए आकर खड़ा हो जाता है।

'हमारा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का मूलमंत्र'
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को वैध करने के केंद्र सरकार के इस फैसले का फायदा हिंदुओं, मुसलमानों सिखों, इसाइयों, जो भी यहां बसते हैं, उन सबको मिला। हमने ऐसा क्यों किया, क्योंकि हम देश से लगाव के कारण जीते हैं। हम सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र को समर्पित हैं। अगर थोड़ा सा भी भगवान ने (बुद्धि) दी हो तो जरा उपयोग करो।
'सांसदों का सम्मान कीजिए'
उन्होंने नागरिकता कानून पर कहा कि भारत की संसद ने लोकसभा और राज्यसभा ने आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए दलित, पीड़ित, शोषितों के लिए सभी सांसदों ने इस बिल को पास करने में मदद की है। मोदी ने कहा, 'आप खड़े होकर देश की संसद का सम्मान कीजिए। देश की जनता द्वारा चुने गए हमारे सांसदों का पूरी ताकत के साथ सम्मान कीजिए।' भारत की संसद ने लोकसभा और राज्यसभा ने आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए दलित, पीड़ित, शोषितों के लिए सभी सांसदों ने इस बिल को पास करने में मदद की है। आप खड़े होकर देश की संसद का सम्मान कीजिए। देश की जनता द्वारा चुने गए हमारे सांसदों का पूरी ताकत के साथ सम्मान कीजिए। मैं भी आपके साथ जुड़कर देश के दोनों सदनों के सर्वोच्च सदन, लोकतंत्र के मंदिर, वहां बैठे हुए जनप्रतिनिधियों को उनको प्रणाम करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं, उनका धन्यवाद करता हूं।
विविधता में एकता, भारत की विशेषता का लगवाया नारा
उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित बीजेपी की 'धन्यवाद रैली' में अपनी संबोधन की शुरुआत ही 'विविधता में एकता, भारत की विशेषता' के नारे लगवाकर की। पीएम ने मंच से कहा, 'मैं एक नारा बोलूंगा, आप लोगों को मेरे साथ दोहराना है। मैं कहूंगा विविधता में एकता, आप कहेंगे भारत की विशेषता।' फिर पीएम ने लगातार चार पर यह नारा लगवाया।
लगातार भरोसा दिला रही है सरकार
सीएए के अस्तित्व में आने के बाद 12 दिसंबर को असम और मेघालय में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया और ज्यादातर जगहों पर इसने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। खासकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान बंगाल से लेकर केरल तक हिंसा हुई, प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और पुलिस वालों पर जमकर पत्थरबाजी की। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) पर चर्चा के दौरान भी कई बार कहा कि इसमें किसी को नागरिकता देने के प्रावधान किए गए हैं, किसी की नागरिकता लेने के लिए।