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भारत को मिली दस हजार अमेरिकी सिग सउर राइफल की पहली किस्त  
December 11, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • देश विदेश


नई दिल्‍ली । जम्‍मू-कश्‍मीर में नियंत्रण रेखा पर आतंकियों के घुसपैठ और पाकिस्तानी सेना से संघर्ष कर रही भारतीय सेना की ताकत बढ़ गई है। आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के तहत भारतीय सेना को 10 हजार अमेरिकन सिग सउर रायफल की पहली खेप मिल गई है। उल्लेखनीय है कि भारत ने अपने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को अत्‍याधुनिक असलहों से लैस करने के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत 72,400 सिग सउर राइफलों का ऑर्डर दिया है। भारतीय सेना ने अपनी स्नाइपर राइफलों के लिए गोला-बारूद की आपूर्ति भी शुरू कर दी है। 21 लाख से अधिक राउंड का ऑर्डर दे दिया गया है। पहली खेप में 10 हजार सिग सऊर 716 असॉल्‍ट राइफलें भारत पहुंचा दी गई हैं। 
इन राइफलों को नार्दर्न कमांड को भेज दिया गया है। यह कमांड जम्मू-कश्मीर में काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशनों को देख रही है। यही नहीं यह कमांड पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकियों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होने वाली घुसपैठ को रोकने पर भी काम करती है। इन अत्याधुनिक राइफलों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियान में किया जाएगा। भारत ने अमेरिका के साथ 700 करोड़ रुपए की राइफलों की डील की है। इसके तहत अमेरिकी से भारतीय सेना को 72,400 नई असॉल्ट राइफलें मिलनी हैं। फास्ट ट्रैक प्रॉक्योरमेंट के तहत इनकी आपूर्ति एक साल के भीतर की जानी है। अमेरिका से खरीदी जाने वाली इन 72,400 राइफलों को तीन भागों में बांटा जाएगा। इनमें से 66 हजार राइफलें भारतीय सेना को, जबकि 2000 राइफलें नौसेना और 4000 भारतीय वायुसेना को मिलनी हैं। सिग सउर राइफलें भारत में बनी इंसास राइफलों की जगह लेंगी। इसके साथ ही भारतीय सेना को सात लाख से अधिक एके-203 असाल्ट राइफलें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनका उत्‍पादन संयुक्त उद्यम के रुप में भारत और रूस मिल कर रहे हैं।  
अनिरुद्ध, ईएमएस, 11 दिसंबर 2019