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बर्फीली ठंड से उप्र में 57 लोगों की मौत
December 29, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • देश विदेश


उत्तर भारत के 6 राज्यों में रेड अलर्ट 
मप्र में एक-दो दिन में बढ़ेगी जानलेवा ठंड
भोपाल/नई दिल्ली। पहाड़ों पर बर्फबारी, सर्द हवाओं और घने कोहरे के कारण देश की राजधानी दिल्ली समेत समूचा उत्तर भारत बर्फीली ठंड से जम गया है। शनिवार को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की द्रास घाटी और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर तक जबरदस्त शीत लहर से जनजीवन थम सा गया। पारा रोजाना नए रिकॉर्ड बना रहा है। दिल्ली के सराय काले खान इलाके में सुबह तापमान गिरकर 2.0 डिग्री तक चला गया। दिसंबर में इस सीजन का यह न्यूनतम तापमान है। सर्दी के बदतर हालात को देख मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, यूपी के कानपुर में यह दो डिग्री और लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास में पारा -28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 1.2 डिग्री तक पहुंचा। राजस्थान के शेखावटी में न्यूनतम तापमान -4 डिग्री रहा।
छह राज्यों के लिए रेड अलर्ट
ठंड को देखते हुए छह राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में सर्दी की वजह से झरना जम गया। शिमला में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री रहा, जो दिल्ली के औसत 2.4 डिग्री से काफी ज्यादा है। पहाड़ों में हो रही भारी बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है। घने कोहरे और तकरीबन शून्य दृश्यता के चलते दिल्ली आने-जाने वाली कम से कम चार उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं। कोहरे की वजह से दिल्ली आने-जाने वाली 24 ट्रेनों के मार्ग बदले गए। दिसंबर से अब तक 8 सर्द दिवस और 7 गंभीर सर्द दिवस रिकॉर्ड हो चुके हैं। भीषण ठंड के बीच वायु प्रदूषण ने भी हाला बदतर कर दिया है। दिल्ली, यूपी समेत कई शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति बदतर रही। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 413 रहा । जिसके चलते सांसों पर संकट बढ़ा है। कानपुर में में यह 291 और लखनऊ में 338 के खतरनाक स्तर पर रहा।
कब होता है रेड अलर्ट
इस समय दिल्ली पर दोहरा अटैक है। शीतलहर और शीत दिन दोनों की स्थिति बनी हुई है। जब न्यूनतम तापमान 2 डिग्री से नीचे आ जाए, उस समय रेड अलर्ट और जब 4 डिग्री तक सिमट जाए तो उसे ऑरेंज अलर्ट माना जाता है। मौसम विभाग के अनुसार, सिविक एजेंसियों को ठंड की गंभीरता बताने, स्थिति के अनुसार तैयारी करने और लोगों को सावधान रहने के लिए यह अलर्ट जारी होते हैं।
15 दिनों से लगातार शीतलहर का बना रिकॉर्ड
दिल्ली शनिवार को लगातार 15वें दिन सबसे सर्द रहा। 1901 के बाद यहां सबसे ज्यादा ठंडा दिसंबर रहा है। 1997 में आखिरी बार इसी तरह की ठंड से दो चार हुआ था। दिल्ली में 30 दिंसबर 2013 को भी पारा 2.4 डिग्री रहा और वहीं 11 दिसंबर, 1996 को 2.3 डिग्री और 27 दिसंबर 1930 को शून्य डिग्री दर्ज हुआ था।
सीकर में पारा माइनस में
राजस्थान में सीकर में पारा -1 पर चला गया। जयपुर में पारा पांच साल बाद फिर 4 डिग्री तक गिर गया। जयपुर जिले के जोबनेर में तापमान -1 डिग्री दर्ज किया गया। माउंट आबू में -1.5 डिग्री दर्ज हुआ। सर्दी का आलम यह है कि सुबह छतों, खेतों और गाडिय़ों में पाले की परत जम गई है।
उत्तर प्रदेश में ठंड से 57 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में ठंड के कहर के चलते ज्यादातर शहरों में पारा जमाव बिंदु के करीब जा पहुंचा है। न्यूनतम तापमान शनिवार को अलीगढ़ में 1.8 डिग्री, बहराइच में 2.0 डिग्री, बरेली में 3.1 डिग्री, झांसी में 2.3 डिग्री, कानपुर में 2.0 डिग्री और लखनऊ में 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। स्थिति यह है कि घर के अंदर रजाई में भी राहत नहीं मिल रही। ठंड की वजह से विभिन्न जिलों में 57 लोगों की मौत हो गई है। कानपुर में शनिवार को एक झटके में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री लुढ़ककर रिकॉर्ड 2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि आगामी 31 दिसंबर तक प्रदेश में कोल्ड डे रहेगा। 1 से 3 जनवरी तक बारिश हो सकती है। मौसम खराब होने के कारण बस, ट्रेन और विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। झांसी में ठंड ने 65 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां ठंड से खेत की रखवाली कर रहे एक किसान समेत दो लोगों की मौत हो गई।
बर्फीली हवाओं से मरने लगीं चिडिय़ां
शीतलहर ने अब पक्षियों पर भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। उन इलाकों में चिडिय़ां ज्यादा मर रही हैं, जहां पेड़ कम हैं। पेड़ों के पत्तों की ओट ठंड में उनको बर्फीली हवाओं का सीधा शिकार बनने से बचा लेती है। भीषण ठंड को देखते हुए चिडिय़ाघर में चिडिय़ों के बाड़ों में 200 वाट के बल्ब लगाए गए हैं, जिससे थोड़ी गर्मी बनी रहे। पर्दे भी लगाए गए हैं। शेर, बाघ और तेंदुए की खुराक बढ़ा दी गई है।
मप्र में हाड़ कंपाने वाली ठंड
-अगले 48 घंटे में गलन भरी सर्दी और पाला पडऩे की संभावना
आसमान साफ होने और लगातार बर्फीली हवा के चलने से प्रदेश ठिठुरने लगा है। राज्य के 25 शहरों में पारा 5 डिग्री या उससे नीचे दर्ज किया गया है। वहीं 17 शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री से नीचे चला गया। भोपाल और इंदौर में कोल्ड डे जारी है, वहीं ग्वालियर में सीवियर कोल्ड डे घोषित है। रतलाम, रायसेन, दतिया, धार, टीकमगढ़, श्यौपुरकला, खजुराहो, ग्वालियर, सिवनी, जबलपुर, सागर, उमरिया शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। प्रदेश में सबसे सर्द रात टीकमगढ़ में रही। यहां पारा 1.5 डिग्री पर पहुंच गया। पचमढ़ी में तापमान 1.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में लगातार दूसरे दिन पारे में गिरावट जारी रही। न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 48 घंटे मप्र में गलन भरी सर्दी और पाला पड़ सकता है।
ग्वालियर चंबल संभग में तापमान 3 डिग्री
ग्वालियर चंबल संभाग शीत लहर की चपेट में है। 5 जिलों का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। शिवपुरी, श्योपुर और टीकमगढ़ में तापमान 3 डिग्री रहा तो वहीं दतिया 3.1 और ग्वालियर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। अंचल भर में शीत लहर की वजह से दिनभर लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। कोहरे की वजह से सुबह 7 बजे दृश्यता शून्य पर पहुंच गई, जिससे सड़क, रेल यातायात की रतार बेहद धीमी हो गई। सड़कों पर वाहन धीमे चले। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में तापमान में और गिरावट व घना कोहरा छाने के भी आसार हैं। अंचल में हुई बारिश की वजह से हवा में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे वातावरण भी ठंडा हो गया है।