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बंगाल / राज्यपाल धनखड़ ने कहा- ममता हर मौके पर मुझे नीचा दिखलाती हैं, इससे उनका ही कद घट रहा है
November 29, 2019 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • राजनीति

 

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर मौके पर मुझे नीचा दिखलाती हैं और इससे उनका कद घट रहा है। धनखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल की मुख्यमंत्री उनसे लगातार बात भी नहीं करतीं।

यह पहली बार नहीं है, जब बंगाल के राज्यपाल ने ममता बनर्जी पर अपमान और अनदेखी करने का आरोप लगाया हो। धनखड़ ने दुर्गापूजा के दौरान एक कार्यक्रम में अपने बैठने की जगह को लेकर आपत्ति जताई थी। धनखड़ ने कहा था कि जिस जगह उन्हें बैठाया गया, वह राज्यपाल के पद की गरिमा के अनुकूल नहीं था।

"ममता की दिल से बेहद इज्जत करता हूं, वे आत्मावलोकन करें'
न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में धनखड़ ने कहा, "हर बार नीचा दिखाकर ममता खुद ही अपना कद घटा रही हैं। मैं उनकी दिल से बेहद इज्जत करता हूं। ममता आत्मावलोकन करें और कोई रास्ता निकालें।' धनखड़ ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी द्वारा सदन में भाषण के लिए आमंत्रित किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- क्या आपने पूरे देश में कभी भी देखा है कि मौजूदा गवर्नर को सदन में पांचवें नंबर पर बोलने के लिए आमंत्रित किया जाए और पूर्व राज्यपाल, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को पहले बोलने के लिए कहा जाए। यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। मैंने उस िदन के महत्व को समझते हुए इस अपमान को अनदेखा किया और सदन में गया। मुझे उनसे ज्यादा बेहतर की उम्मीद थी। बिमान बनर्जी ने धनखड़ को संविधान दिवस पर आयोजित विशेष सत्र में बोलने के लिए आमंत्रित किया था।

"ममता को पत्र लिखा था, जवाब प्रधानसचिव ने दिया'
संविधान में स्पष्ट निर्देश है कि राज्यपाल को मुख्यमंत्री द्वारा लगातार सूचनाएं दी जाएं। लेकिन, ममता बनर्जी ने एक भी बार ऐसा नहीं किया। बुलबुल तूफान के बाद मैंने ममता बनर्जी को पत्र लिखा था और कहा था कि इसके बारे में मुझे बताएं। लेकिन, सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि इस पत्र का जवाब मुख्य सचिव ने दिया। मैंने इस तरह के व्यवहार को अपवाद माना, जबकि मेरे द्वारा भेजे गए पत्र का जवाब केवल मुख्यमंत्री द्वारा ही दिया जाना था, न कि किसी और द्वारा।

"मैंने संविधान की रक्षा करने की शपथ ली है'
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल अपनी संवैधानिक सीमाओं को लांघ रहे हैं और समानांतर सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस आरोप पर धनखड़ ने कहा- मैं चुनौती देता हूं कि जो आरोप लगाए गए हैं, उसका एक भी सबूत तृणमूल सरकार दे दे। मैं संविधान के हिसाब से काम कर रहा हूं। सरकार चलाना मेरा काम नहीं है। लेकिन, यह मेरी जिम्मेदारी है कि सरकार संविधान के हिसाब से चले। जहां भी संविधान का उल्लंघन होगा, मैं वहां हस्तक्षेप करूंगा। उन्होंने संविधान के प्रति निष्ठा रखने की शपथ ली है और मैंने संविधान की रक्षा करने की।