ALL उर्जाधानी देश विदेश राजनीति मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश मनोरंजन साहित्य लेख
अनुच्छेद 370 / कश्मीर के हालात जानने विदेशी राजनयिकों का दल पहुंचा, समूह से मिलने वाले 8 नेताओं को पीडीपी ने पार्टी से निकाला
January 9, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY

श्रीनगर. भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर 15 अन्य देशों के राजनयिकों के साथ गुरुवार को कश्मीर पहुंचे। दल अगस्त में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्य के हालात का जायजा लेने पहुंचा। दल को 15 कॉर्प्स हेडक्वार्टर ले जाया गया। यहां सेना के अधिकारियों ने कश्मीर के हालात के बारे में दल को जानकारी दी। सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों के अलावा दल ने वरिष्ठ राजनीतिज्ञ अल्ताफ बुखारी से भी मुलाकात की। इस दौरान, पीपुल्स डेमेक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 8 नेताओं ने भी राजनयिकों से मुलाकात की और राज्य के हालात के बारे में बताया।

राजनयिकों के दल से नेताओं की मुलाकात पर पीडीपी ने एक्शन लिया है। पार्टी ने कहा कि इन लोगों ने राज्य के हितों के खिलाफ जाकर काम किया। पीडीपी ने दिलावर मीर, रफी अहमद मीर, जफर इकबाल, कमर हुसैन, जावेद बेग, अब मजीब पाडरू, रजा मंजूर और रहीम राठेर को पार्टी से निकाल दिया।

कल जम्मू के दौरे पर जा सकता है राजनयिकों का दल
अमेरिका के अलावा दल में वियतनाम, बांग्लादेश, मालदीव, दक्षिण कोरिया, टोगो, फिजी, नॉर्वे, अर्जेंटीना, मोरक्को, नाइजीरिया, फिलीपींस, नाइजर, पेरू, गुयाना और जाम्बिया के राजनयिक मौजूद थे। सैन्य अधिकारियों ने इस दल को लाइन ऑफ कंट्रोल के पास सुरक्षा के हालात की जानकारी दी। इसके अलावा उन्हें बताया कि घाटी में क्या हालात हैं। इसके बाद उन्होंने सिविल सोसाइटी के सदस्यों और कुछ पत्रकारों से भी मुलाकात की। कश्मीर में गुरुवार को अपना दौर खत्म करने के बाद शुक्रवार को यह दल जम्मू जा सकता है।

दल में ऐसे लोग चुने गए, जो केंद्र की लाइन पर चलें- नेशनल कॉन्फ्रेंस
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि केंद्र सरकार जिस तरह से राजनयिकों के दल को कश्मीर में भेजकर हालात सामान्य बताने की कोशिश कर रही है, वह निराशाजनक है। केंद्र सरकार दिखावा कर रही है कि राज्य में हालात सामान्य हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह दौरा निर्देशित है, इसमें अपनी सुविधानुसार ऐसे लोगों का चयन किया है, जो केंद्र की लाइन पर ही चलें।

राजनयिकों के दौरे को निर्देशित कहना निराधार- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने राज्य के हालात सामान्य बनाने के लिए क्या कोशिशें कीं, यह बताने के लिए राजनयिकों के दल को कश्मीर भेजा गया है। इस दौरे को निर्देशित कहना निराधार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इसी तरह का अगला दौरा भी करवाया जा सकता है और इसमें यूरोपियन यूनियन के सदस्यों को भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दौरे पर गया मौजूदा दल सुरक्षा अधिकारियों, राजनेताओं, सिविल सोसाइटी ग्रुप्स और मीडिया से मुलाकात कर रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए ही इस दौरे का कार्यक्रम बनाया गया।

‘कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे’

दल से मुलाकात करने वाले सिविल सोसाइटी के सदस्य तौसीफ रैना ने कहा- कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं। शिकारे चल रहे हैं, बच्चे स्कूल-कॉलेजों में जा रहे हैं। हम लोगों से अपील करते हैं कि वे कश्मीर आएं और हमें सेवा का मौका दें।