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अमृत विद्यापीठ में सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यशाला का हुआ आयोजन 
January 16, 2020 • R. K. SRIVASTAVA / NIRAJ PANDEY • उर्जाधानी


यातायात विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा हेतु चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान

वैढ़न,सिंगरौली। गुरूवार को सड़क सुरक्षा सप्ताह के छठवें दिन पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन के निर्देशानुसार यातायात पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क पर नागरिकों की सुरक्षा हेतु अमृत विद्या पीठ स्कूल, विन्ध्यनगर में विद्यार्थियों के मध्य सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यशाला आयोजित की गई। प्रभारी यातायात अजयप्रताप सिंह ने कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकगण को बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए पहले हम स्वयं जागरूक बने, उसके बाद परिवार, सम्बन्धीजन, समाज और अन्य लोगों को सड़क सुरक्षा से अवेयर करें।
हमारे देश में सड़क दुर्घटना में प्रत्येक मिनट के भीतर कहीं ना कहीं कोई एक व्यक्ति घायल होता है और प्रत्येक चार मिनट में किसी एक इंसान की मृत्यु होती है, इसलिए हमें सड़क पर सजग रहने की बहुत ज्यादा जरूरत है। आप जब भी सड़क पर पैदल चलें तब बायें चलें, हमेशा फुटपाथ का उपयोग करें, रोड को क्रॉस करते समय जेबरा क्रॉसिंग का यूज़ करें। यदि ज़ेबरा क्रॉसिंग नहीं है तब रोड क्रॉस करते समय दोनों तरफ चेक करने के बाद, कि कोई वाहन तो नही आ रहा है, सजगता से रोड क्रॉस करें।
दो पहिया वाहन जैसे कि मोटरसाइकिल, स्कूटी आदि चलाते समय हेलमेट धारण करें, किसी भी स्थिति में दो या दो से ज्यादा लोग टू व्हीलर पर सवार ना हो, फोर व्हीलर चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य बाँधे, जिससे कि सड़क हादसों में आपके जीवन की रक्षा की जा सके, ऐक्सीडेंट्स की स्थिति में फोर व्हीलर में लगे एयर बैग सीट बेल्ट बांधने पर ही ओपन होते हैं।फोर व्हीलर ड्राइव करते समय जब गाड़ी के गेट खोले तो खोलने से पहले पीछे चेक कर लें, हम बिना पीछे देखे कई बार गेट खोल देते हैं तब पीछे से आ रहे वाहन चालक अचानक हमारी गाड़ी के गेट से टकराकर के गिर जाते हैं, चोटिल हो जाते हैं।
सड़क हादसों का एक कारण तेज रफ्तार से गाड़ियों को चलाना भी है जब भी आप दुपहिया या चार पहिया वाहन ड्राइव करें तो तेज रफ्तार से नहीं चलाना है इसके अलावा गाड़ी को चलाने से पूर्व घर से निकलते वक्त गाड़ी के ब्रेक, इंजन वगैरह अच्छे से चेक कर लेना चाहिए। जिससे कि किसी यांत्रिकी कमी, खराबी  कारण दुर्घटना घटित ना हो। बिना ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन के कागजात लिए गाड़ी चलाना गलत है, गैरकानूनी है। वर्ष 2019 में घटित सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक संख्या ऐसे वाहनों की रही है जिनमें अधिकांश लोग शराब पीकर के या अन्य किसी नशे के प्रभाव में वाहन चला रहे थे।
अत: आप सभी लोग ध्यान रखें कि शराब पीना एक खराब आदत है और शराब पीकर गाड़ी चलाना एक जुर्म है ऐसा करने पर हम स्वयं को खतरे में डालते हैं साथ ही सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान को भी जोखिम में डाल देते हैं।स्मार्टफोन के आने से लोगों को कई सारी सुविधाएं मिली है साथ ही कई नुकसान भी हुए हैं। किसी भी चीज के साथ लाभ और हानियां दोनों आते हैं मोबाइल फोन और रोड एक्सीडेंट का भी कनेक्शन है।सर्वविदित है कि मोबाइल फोन का यूज करते समय गाड़ी ना चलाएं या गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें। ऐसा करने पर हमारा ध्यान भटक जाता है और दुर्घटनाएं हो जाती है इसलिए आप लोग ध्यान रखें कि मोबाइल चलाते समय गाड़ी न चलाएं। यदि ज्यादा अर्जेंट कॉल है तो पहले वाहन खड़ा करें उसके बाद मोबाइल पर बात करें और मोबाइल बंद करने के पश्चात ही वाहन चालन करें। सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा यातायात पुलिस का प्रमुख लक्ष्य है, रोड एक्सीडेंट्स में किसी की भी जान नहीं जानी चाहिए, अंत में सभी विद्यार्थियों को जीवन पर्यंत यातायात नियमों का सम्मान और पालन करने और दूसरे लोगों को प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई।
अगले कार्यक्रम में यातायात विभाग द्वारा जिला मुख्यालय और मुख्यालय के बाहर कई स्थानों पर नाटक-नुक्कड़, यातायात रथ, एलईडी वेन के माध्यम से सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।यह विभिन्न प्रदर्शन जिले में विन्ध्यनगर स्थित इंदिरा चौक, बेढन स्थित अंबेडकर चौक, पुराना यातायात तिराहा, परसोना तिराहा, रजमिलान रोड और जयन्त तिराहा इत्यादि स्थानों पर किए गए।